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समाज कल्याण विभाग के नए फरमान में पिछड़े वर्ग की अनदेखी बर्दास्त नही : अजय कुमार लल्लू
May 4, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर


लखनऊ,(स्वतंत्र प्रयाग), एक ओर लॉकडाउन में जहां पूरा प्रदेश का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार आरक्षण की मूल भावना और पिछड़े वर्गों के हितों पर करारा प्रहार कर रही है।

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव द्वारा जारी किए गए शासनादेश में यह कहा गया कि प्रदेश के सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति के वर्ग के अभ्यर्थियों को आईएएस, पीसीएस तथा अन्य अधीनस्थ परीक्षाओं में प्रीलिम्स में चयनित अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में इनके लिए बेहतर कोचिंग की सुविधा हेतु 55-55 लाख रुपए का बजट का प्रावधान किया गया।

शासनादेश में ओबीसी वर्ग के लिए पहले से चले आ रहे हैं बजट के प्रावधान को खत्म कर दिया गया यह प्रदेश के ओबीसी वर्ग के साथ सरासर अन्याय है  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शासनादेश में संशोधन कर संविधान सम्मत ओबीसी वर्ग के लिए भी बजट का प्रावधान करें।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 21 अप्रैल 2020 को अधीनस्थ सेवाओं में भर्ती के लिए आवेदन जारी करने हेतु विज्ञप्ति जारी की गई है आवेदन हेतु ओबीसी अभ्यर्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना पड़ेगा ऐसे में जब लॉकडाउन चल रहा है तो जाति प्रमाणपत्र बनना बहुत मुश्किल होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार या तो आवेदन की तिथि को आगे बढ़ा दे या फिर 31 मार्च 2020 से पहले जो जारी हुए हैं उन्हें मान्य कर ले उन्होंने आगे कहा 30 अप्रैल को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव ने एक शासनादेश जारी किया जिसमें कहा गया कि ग्राम विकास अधिकारी के 336 पद खाली हैं।

अतः इन पदों को भरने के लिए ग्राम विकास विभाग राजपत्रित अधिकारी सेवा नियमावली 1991 में संशोधन करने की आवश्यकता है  प्रमुख सचिव का यह सुझाव  कि खाली पदों को भरने के लिए  सरकारी अधिकारियों से प्रतिनियुक्त पर  भरे, यह एक प्रकार से लैटरल एंट्री है जैसे कि केंद्र सरकार में सचिवों की भर्ती लैटरल एंट्री से होती है।

इससे सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना प्रभावित होगी  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सामाजिक न्याय और बाबा साहेब के बनाये गये संविधान की मूल भावना पर प्रदेश सरकार द्वारा किये जा रहे प्रहारों को कतई बर्दाश्त नही किया जाएगा  प्रदेश सरकार इन फैसलों को तुरंत बदले।