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फ्रांस में हुए नए शोध के बाद देश में अचानक बंद हुई, तंबाकू की बिक्री
May 25, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर

 

नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश ,(स्वतंत्र प्रयाग )  कोरोना वायरस के इलाज को लेकर दुनियाभर में लगातार रिसर्च, एवं शोध कार्य जारी है। 

पिछली कुछ स्टडीज से सामने आया कि, स्मोकिंग करने वाले लोगों में कोरोना होने का खतरा ज्यादा होता है ,लेकिन अब फ्रांस में हुई एक स्टडी इस शोध के ठीक उलटा है।

बताते चले कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमण से ग्रसित लोगों की संख्या बढ़कर 2,831,915 हो गये हैं ,जबकि मरने वालों की संख्या 197,318 पहुंच गई है।

इस शोध के अनुसार, तंबाकू से कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है, इस बारे में पेरिस के बड़े अस्पताल के शोधकर्ताओं ने 343 ,कोरोनो वायरस मरीजों की जांच कर ,यह नतीजा निकाला है। 

शोध में शामिल 343 लोगों में, से जांच किए गये ,139 मरीजों में बीमारी के ,हल्के लक्षण देखे गये थे, इस शोध की सदस्य जाहिर अमौर की माने तो इन ,मरीजों में से केवल 5% लोग ही स्मोकिंग करते थे।

वहीँ इस बारे में शोध के ,को राइटर और फ्रांस के पाश्चर इंस्टीट्यूट ,से न्यूरोबायोलॉजिस्ट जीन-पियरे चेंजक्स इस बारे में कहते है ,कि यह शोध यह बताता है, कि निकोटिन यानी तंबाकू कोशिकाओं के संग्राहकों पर चिपक जाता है ,
और इस तरह से कोरोना वायरस को कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोका जा सकता है।

यानी अगर तंबाकू का प्रयोग किया जाए तो, शरीर में वायरस को पहुंचने से रोकना आसान होगा।

ट्रायल की अनुमति से 
वहीँ अब इस शोध के क्लिनिकल ट्रायल को करने के लिए, शोधकर्ताओं द्वारा फ्रांस के हेल्थ डिपार्टमेंट से अनुमति मांगी है।

 शोधकर्ताओं द्वारा पेरिस के पिटी सलपेट्रिअर अस्पताल के
हेल्थ वर्कर पर, इस तंबाकू पैच का इस्तेमाल करने का प्लान बनाया है।

वो पहले स्वास्थ्यकर्मीयों पर इसे आजमा कर देखना चाहते हैं,
अगर स्वास्थ्यकर्मीयों पर यह प्रयोग सफल रहा तो ,वो इसका इस्तेमाल फिर मरीजों पर भी करेंगे। 

शोधकर्ताओं ने इस बारे में भी अनुमति मांगी है, ऐसा करके वो नतीजों के ज्यादा करीब जा सकेंगे।

निकोटिन हानिकारक  है ,लेकिन
इस शोध में हिस्सा लेने वाले शोधकर्ताओं, का कहना है कि हम यह नहीं कहना चाहते ,और नही बताना चाहते हैं ,कि निकोटिन शरीर के लिए अच्छा है या हो सकता है,हम यह साफ़ कह देना चाहते हैं, कि इस शोध का मकसद लोगों को कोरोना वायरस से निजात दिलाना है ,न कि निकोटिन की पैरवी करना। 

हम लोगों को स्मोकिंग, या निकोटिन लेने के लिए प्रोवोक नहीं कर रहे है ,और न ऐसा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि हम सिर्फ यह बताना चाहते हैं ,कि निकोटिन से वायरस को हराया भी जा सकता है, हालांकि निकोटिन शरीर के लिए बेहद हानिकारक होता है, यह सिर्फ एक प्रयोग है जो लोगों की जान बचा सकता है।

कम करेगा वायरस का प्रभाव
शोधकर्ताओं की माने तो निकोटिन ,का प्रयोग कोशिकाओं में वायरस की एंट्री को रोक सकता है, इससे कोरोना के लक्षणों को कम करने में मदद मिलेगी,रिसर्च की भाषा में कहे तो  निकोटिन,
"साइटोकिन स्टॉर्म्स" को रोकने में मदद कर सकता है।

शोधकर्ताओं का मानना है ,यह एक प्रतिरक्षा प्रणाली ,का तेज ओवर रिएक्शन हो सकता है, जो कोरोना वायरस के प्रभाव को खत्म या तेजी से कम कर सकता है।