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ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करे :रीता जोशी
February 19, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर

 

प्रयागराज (स्वतंत्र प्रयाग) सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक सर्किट हाउस प्रयागराज में संपन्न हुई। जिसमें जिलाधिकारी सहित जमुनापार के सभी चारों उप जिलाधिकारी बारा, मेजा, कोरांव, करछना तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, एडीएम प्रशासन, एडीएम वित्त एवं राजस्व, की उपस्थिति रही।

सांसद द्वारा मुख्य रुप से ओलावृष्टि पर हुए नुकसान के मुआवजे पर पूछे गए प्रश्न पर उप कृषि निदेशक ने बताया कि ओलावृष्टि में हुए नुकसान के लिए 9487 किसानों ने भुगतान के लिए आवेदन किया और जिसमें 4383 किसानों को भुक्तान किया है। शेष जो किसान बीमा से आच्छादित नहीं हैं उनके बारे में सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह दैवीय आपदा है इसलिए इसकी भरपाई प्रशासन द्वारा किया जाना चाहिए।

अधिकारियों द्वारा बताया गया कि 33 प्रतिशत नुकसान पर भुगतान होता है। सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जितना भी किसानों का नुकसान हुआ है सभी का भुगतान सुनिश्चित करें।बैठक के अगले बिंदु पर धान क्रय में हो रही किसानों की परेशानी को अधिकारियों की लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा। जिसमें आरएमओ ने बताया कि सरकार द्वारा खरीद का लक्ष्य पूरा हो चुका है, परंतु जमुना पार में नौ क्रय केंद्र अभी भी कार्य कर रहे हैं।

लेड़ियारी व खीरी केन्द्र पर आ रही शिकायतों पर सांसद ने किसानों की समस्याओं को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया। इस पर जिलाधिकारी ने विपणन संबंधी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिचैलियों की भूमिका को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। बैठक में किसानों के अनुदान पर दिए जाने के लिए सिंचाई हेतु सोलर पंप की जानकारी दी। 70 प्रतिशत सरकार द्वारा अनुदान दिया जा रहा है जिसमें किसानों को केवल 30 प्रतिशत ही देना होगा।

यहां योजना पहले आओ पहले पाओ के चयन पर किया जा रहा है। बशर्ते की किसान के पास बोरिंग कराने हेतु स्थान उपलब्ध हो तथा विद्युत कनेक्शन ना लिए हो। सांसद ने आगामी एकल पेयजल एवं राज्य योजना से बन रहे 70 गांवों में पानी की टंकीयो का निर्माण की स्थिति का ब्यौरा मांगा और 1 सप्ताह के अंदर प्रगति दिखाई देने के निर्देश दिए जिससे आगामी गर्मी के मौसम में लोगों को पानी की समस्या से निजात दिलाई जा सके।