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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटा से वापस लाये गए विद्यार्थियो से किया बात चीत , कहा अरोग्यसेतु मोबाइल ऐप करे डाउनलोड
April 29, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर


लखनऊ,(स्वतंत्र प्रयाग)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटा से लाए गए विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षित और जागरूक होने के कारण वह सभी विद्यार्थी कोरोना वायरस कोविड-19 की वैश्विक महामारी की संवेदनशीलता से अच्छी तरह से परिचित हैं।

इस महामारी से बचाव के लिए जब तक कोई वैक्सीन अथवा उपचार हेतु कोई दवा नहीं तैयार कर ली जाती, तब तक इस पर नियंत्रण के लिए दो उपाय, लॉक  डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग ही हैं उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि घर वापस आने के पश्चात वह सभी 14 दिन होम क्वारंटीन में रहने के साथ ही लॉक डाउन के नियमों व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

किसी परेशानी की स्थिति में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, टोल-फ्री नं0-1070 अथवा स्थानीय प्रशासन से सम्पर्क स्थापित करें  मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्थान राज्य के कोटा से वापस लाये गये प्रदेश के विद्यार्थियों के साथ संवाद कर रहे थे।

यह विद्यार्थी कोटा में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे थे 25 मार्च, 2020 से देशव्यापी लॉक डाउन लागू होने से यह विद्यार्थी कोटा में फंस गए थे इन विद्यार्थियों को राज्य सरकार द्वारा वहां से निकाल कर विभिन्न जनपदों में उनके घर पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से ‘आरोग्य सेतु’ मोबाइल एप डाउनलोड करने का आह्वान करते हुए कहा कि कोविड-19 से बचाव में यह एप बहुत उपयोगी है इस एप के क्रियाशील रहने पर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के करीब आने पर एप द्वारा अलर्ट दिया जाता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कोरोना योद्धा के रूप में कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि वह सभी सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य लोगों को भी लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विद्यार्थी घर पर रहकर ही अपनी परीक्षाओं की तैयारी करें व शासन-प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें  राज्य सरकार का यह प्रयास भी है कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सेण्टर स्थापित किया जा सके, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता न हो।