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मैं अपराधी नही हूँ कोरोना पॉजिटिव हूँ तथा इससे पीड़ित हूँ, मेरे साथ ऐसा व्योहार क्यो ?
April 27, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर


इंदौर,(स्वतंत्र प्रयाग)प्रदेश में कोरोना वायरस अपना पैर पसारता जा रहा है  और इस कारण लगातार मरीजों के इलाज में बेड, दवा और नर्स की कमी है जिसकी शिकायत हर तरफ से सुनने को मिल रही है  इस बीच इंदौर से एक कोरोना मरीज ने बहुत ही इमोशनल मैसेज लोगों तक पहुचाने की कोशिश की है।

मरीज ने लिखा है की “मैं पूर्वी क्षेत्र की एक पॉश कॉलोनी में रहता हूं राष्ट्रीय स्तर की कंपनी में एक्जीक्यूटिव हूं कोरोना संक्रमण जब फैला तो जागरूक नागरिक होने के नाते मैं लगातार इसके बारे में पढ़ता रहा  मुझे पता था कोरोना में डायरिया होना गंभीर संकेत है।

जब मुझे डायरिया के सिस्टम दिखाई देने लगे तो 18 अप्रैल को एमवाय अस्पताल जाकर खुद सैंपल देकर आया उसके बाद मेरी तबीयत बिगड़ी तो मैं विजय नगर के ही निजी अस्पताल में भर्ती हो गया डायरिया का इलाज कर उन्होंने मुझे दो दिन पहले डिस्चार्ज कर दिया।

वहां मेरा सैंपल नहीं लिया गया था इसलिए उन्होंने रिपोर्ट का भी इंतजार नहीं किया रविवार सुबह अचानक स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची सोसायटी के लोगों और सिक्यूरिटी गार्ड के जरिए जानकारी लेकर उन लोगों ने मुझे दूसरी मंजिल से नीचे बुलाया  कहा कि सिर्फ आपका चेकअप करना है।

मैं नीचे आ गया ड्राइवर एंबुलेंस लेकर खड़ा था  नीचे आते ही वे बोले- आप पॉजिटिव हैं, आपको हमारे साथ अस्पताल चलना पड़ेगा मैंने कहा-मुझे भी अभी पता चला है कि मैं पॉजिटिव हूं  मुझे कपड़े और कुछ जरूरी सामान ले आने दीजिए  अस्पताल में बहुत दिन रहना पड़ेगा।

किसी ने मेरी एक नहीं सुनी  अपराधियों की तरह एंबुलेंस में बिठाकर ले गए  यह अहसास मैं शायद जिंदगी में कभी नहीं भुला पाऊंगा  इंडेक्स मेडिकल कॉलेज आने के बाद भी मेरी परेशानी कम नहीं हुई  यहां सुबह से लेकर शाम पांच बजे तक न मुझे बेड मिला और न खाना न कोई डॉक्टर, न नर्स देखने आया।

उसके बाद उपमा खाने को दिया  यहां तो इतनी व्यवस्था भी नहीं है कि मैं यह पूछ सकूं कि बतौर डायरिया पेशेंट मेरे लिए यह खाना ठीक है कि नहीं क्योंकि यहां सभी मरीजों के लिए एक जैसा खाना बना और वही मुझे दे दिया गया मैं नहीं जानता मेरे साथ क्या होगा? मैं कब तक ठीक होकर घर लौट पाऊंगा।

मेरे बगैर पत्नी और छोटी बच्ची कैसे इतने दिन निकालेंगी  कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सोसायटी से भी मदद की कोई उम्मीद नहीं है  सभी का व्यवहार बदल गया है  मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मैं अपराधी नहीं हूं, कोरोना पॉजिटिव हूं, पीड़ित हूं, फिर मेरे साथ ऐसा व्यवहार क्यों?

बता दें की मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 2010 पहुंच गई है, वहीं इससे अब तक 105 मरीजों की जान जा चुकी है और 302 स्वस्थ होकर वापस लौट चुके हैं  इंदौर में मरीजों की संख्या 1207 पहुंच गई है  भोपाल में 410, उज्जैन में 123 और जबलपुर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 68 पहुंच चुकी है।