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क्षेत्र के कई कोटेदार नेटवर्क की गड़बड़ी बता कर लोगो को नही दे रहे राशन, घण्टो मसक्कत के बाद लोगो को मिल रहा राशन
April 2, 2020 • दीपक पांडेय • राज्य , शहर

लालापुर/ प्रयागराज:(स्वतंत्र प्रयाग),कोरोना जैसी बीमारी को लेकर यूपी सरकार केंद्र सरकार ने पूरे देश में जहाँ लॉक डाउन किया  हुआ है।

वही दूसरी ओर वहीं कोटेदारों को सरकार की तरफ़ से गरीब लोंगो को निःशुल्क राशन वितरण किया जा रहा है लेकिन लालापुर क्षेत्र के कई गाँव में तो इस महामारी आपदा में लोग सड़कों पर गांव गांव घर घर खाने का सामान निःशुल्क दिया जा रहा है।
 वहीं बारा क्षेत्र के कोटेदार सरकार का निःशुल्क दिया हुआ राशन देने में आना कानी कर रहे हैं ।

कहीं तो गोदाम में राशन नहीं है और  कहीं फिंगरप्रिंट लगवाकर कह दिया जाता है कि आप का नहीं लगा।  धूप में बैठा के वितरण किया गया जा रहा है। कोटेदार अपनी मनमानी तरीके से लोगों को राशन दे रहे  है।
लालापुर कोटेदार सरकार के बताए हुए नियम से लोगों को बारी बारी कर के राशन देने   को कह रही है और सेटनाइजर का भी प्रयोग किया जा रहा है।

इसी तरह ओठगी,गोबरा, छतहारा, मानपुर, कचरा,नियम के अनुसार कर रहे हैं गोइसरा में गल्ला ख़तम होने से लोगों को वापस किया गया है।
कार्ड धारकों ने आरोप लगाया है कि ग्राम घूरी  में तो कोटेदार सुबह से मशीन ही नहीं चला पाए और लोगों को मशीन खराब बता के वापस कर दिया।

लालापुर के ग्राम मदुरी में घण्टो नेटवर्क खराब कह के लोगों घण्टो बैठाये रहे कुछ देर बाद लोगों को पांच से छः किलो तक वजन से कम दिया गया,पता लगने पर जब हंगामा शुरू कर इसकी शिकायत कोटेदार को किया गया तो लोगों को कोटेदार ने कहा कि कम ही मिलेगा, मुझे भी कम मिलता है।

सेमरी तरहर के कोटेदार की तो हद ही हो गई जब शाम को गरीबों के लिए क्षेत्रा अधिकारी बारा सूखा राहत सामग्री देने गए तो लोगों का गुस्सा इस कदर दिखा की लगता था कि कई महीनों से कोटेदार  ने राशन नहीं दिया,सेमरी की गरीब परिवार जो कि नाव चला के पेट पालते थे जो कि इस वक़्त रोटी के लिए लोगों को लाले पड़ गए हैं और कोटेदार की मनमानी से गरीब परिवार भूखों मर रहे हैं।

लेकिन कोटेदार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। कुछ समाज सेवी लोग पैकेट में खाद्य सामग्री भरकर गरीबों को बांट कर अपनी फोटो खिंचवाते है लेकिन सत्य ये है कि गरीब आने हक का भी नहीं खा पा रहे।