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किसानों के लिए बरसात के साथ आसमान से आफत बनकर बरसे ओले
March 6, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर


फर्रुखाबाद,(स्वतंत्र प्रयाग) प्राकृतिक आपदायें जनपद के किसानों की परीक्षा ले रही है  गुरुवार रात को तेज बारिश और हवा के बीच हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति पहुँची जिले में हुई ओलों की बरसात से खासतौर पर सरसों और आम के बौर को काफी नुकसान हुआ है।

कई इलाकों में गेंहू की फसल खेत में ही बिछ गयी है ओलावृष्टि से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे है बीते कुछ वर्षो से प्रकृति जनपद के किसानों से रूठ गयी है साल दर साल प्राकृतिक आपदाओं की मार ने किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा।

कभी बेमौसम बरसात से फसलों को नुकसान हुआ, तो कभी तुषार और पाला ने किसानो के अरमानों पर पानी फेर दिया यही नहीं ओलावृष्टि से हुई तबाही समाचार पत्रों की सुर्खियाँ बनी रही  आपदाओं की मार के कारण जहाँ फसलें नष्ट होती चली गयी, तो वहीं किसानों को भी भारी नुकसान हुआ।

सूखा की मार से भी कई किसान खेतों में अनाज पैदा नहीं कर सके बीते 3-4 दिनों से अचानक मौसम के तेवर बदल रहे हैं. पहले छुटपुट बूंदाबादी और हल्की बारिश हुई, तो कहीं-कहीं जोरदार बारिश से मौसम में ठण्डक आ गयी बारिश का ही परिणाम है कि विदा हो रहा सर्दी का सीजन एक बार पुनरू लौट आया है।

अचानक बदले मौसम के मिजाज के चलते जोरदार बारिश हुई देर रात हुई जोरदार बारिश के बीच जनपद में कई जगह भयंकर ओलावृष्टि हुई  ओलावृष्टि का आलम यह था कि चाहे खेत हो या सड़क, घर हो या आगन, सभी जगह ओले बिछ गये थे।

फसलों में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है, वहीं तेज हवा के साथ कई क्षेत्रों में गेहूँ की फसल भी खेत में बिछ गयी, जिससे इस फसल को भी काफी क्षति पहुची है कहीं-कहीं 100 ग्राम वजन के भी ओले गिरे है, ऐसे में फसलों की हालत क्या हुई होगी, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

ओलावृष्टि के कारण एक बार फिर अन्नदाता संकट में है उधर, किसानों की हालत खराब हो गयी थी ओलावृष्टि ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया था  बीती रात तेज पानी के साथ बरसे ओले के फोटो लोगों नें खीचकर सोशल मीडिया फेसबुक और व्हाट्स एप्प आर डाउनलोड कर दिये।

जिससे उन्हें खूब लाइम और कमेन्ट मिल रहे है  तेज बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की नींद हराम कर दी है पानी बरसने से आलू के खेत नम हो गये है. जिससे उनकी खुदाई आदि में समस्या आ रही है वही खेत में लगा आलू भी अधिकतर भीग गया है जिससे किसान नें आलू मंडी में लाने का फिलहाल मन बदल दिया है।