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कार्यदायी संस्थाओं द्वारा स्वयं अपने स्तर से परिवहन प्रपत्रो के ऑनलाइन सत्यापन हेतु विकसित किया गया माड्यूल
August 11, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर

 लखनऊ:(स्वतंत्र प्रयाग न्यूज़), सचिव ,उत्तर प्रदेश शासन, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, डॉ० रोशन जैकब ने बताया की कार्यदायी संस्थाओं को आपूर्तित उप खनिजों पर देय रॉयल्टी के भुगतान की प्रक्रिया का नये सिरे से निर्धारण किया गया है ।

 

कार्यदाई संस्थाओं द्वारा स्वयं अपने स्तर से परिवहन पत्रों के ऑनलाइन सत्यापन हेतु भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के पोर्टल upmines.upsc.gov.in पर माड्यूल विकसित किया गया है। 

 

उन्होंने बताया कि पूर्व में कार्यदायी संस्थाओं में प्रयुक्त उप खनिजों के संबंध में ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत परिवहन प्रपत्रों का सत्यापन कार्यदायी संस्था द्वारा उस जनपद के खान अधिकारी / खान निरीक्षक से कराए जाने के निर्देश दिए गए थे, इस प्रक्रिया में कार्यदायी विभाग को खनिज विभाग पर निर्भर रहना पड़ता है और इस प्रक्रिया में अधिक समय लगता है, जिसके दृष्टिगत यह माड्यूल विकसित किया गया है।

 

 निर्धारित संशोधित प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए डॉ० रोशन जैकब ने बताया कि कार्यदायी विभाग के विभागाध्यक्ष को लॉगइन पासवर्ड भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा और कार्यदायी विभाग के विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ डिविजन लेवल पर लॉगिन आईडी स्वयं जनित कर उपलब्ध करा सकेंगे तथा डिवीजन लेवल अधीनस्थ ,सबडिवीजन लेवल पर लागइन आई डी जनित कर उपलब्ध कराएंगे।

 

उन्होंने बताया कि परिवहन प्रपत्रों की जांच हेतु अनुबंध संख्या ,प्रोजेक्ट का नाम, कांट्रैक्टर का नाम ,बिल नंबर दर्शाते हुए बिल के साथ प्रस्तुत परिवहन पत्रों की जांच हेतु प्रपत्र के क्रमांक की प्रविष्टि कर इसके वैध /अवैध की पुष्टि की जा सकेगी।

 

इस हेतु उत्तर प्रदेश के परिवहन पत्रों के अतिरिक्त अन्य सीमांत प्रदेशों के ऑनलाइन परिवहन प्रपत्रों की जांच के लिए भी लिंक दिए गए हैं, जिससे वैध परिवहन प्रपत्र की जांच कर पोर्टल पर प्रदर्शित अदर स्टेट ट्रांजिट पास वेरीफिकेशन लिंक पर क्लिक कर अंकित किया जाएगा। परिवहन पर प्रपत्रों की जांच उपरांत बिल के विरुद्ध वैलिड/ इनवैलिड की संख्या एवं मात्रा का विवरण प्राप्त किया जायेगा।

 

परिवहन प्रपत्र संख्या कार्यदायी संस्था द्वारा सत्यापित की जाने के उपरांत ऑटो फ्लैग हो जाएगा। सत्यापन उपरांत अवैध पाए गए परिवहन पत्रों की मात्रा के सापेक्ष देय धनराशि का भुगतान भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के पोर्टल upmines.upsdc.gov.in के माध्यम से राजकोष में जमा किया जाएगा 

 

डॉ० रोशन जैकब ने इस संबंध में निर्धारित प्रक्रिया का परिपालन कराने के लिए अपर मुख्य सचिवो /प्रमुख सचिवो व सचिवों से अनुरोध किया है ।