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भाषा तथा बोली हमारे देश की पहचान है :अमित शाह
February 22, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राष्ट्रीय

 नई दिल्ली, (स्वतंत्र प्रयाग)केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने एक  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी आपको अपने मित्रों परिवार व माता पिता से बात चीत करनी हो तो आप अपनी भाषा मे ही बोलिये और बात कीजिये अपनी भाषा बोलने की बात ही कुछ और है अपनी भाषा को जीवित रखने के लिए यह अत्यंत जरूरी है ।

 उन्होंने आगे संबोधित करते हुए कहा कि भाषा की रक्षा करना जरूरी है अगर भाषा सुरक्षित है तो उसका संगीत सुरक्षित है तथा उसका इतिहास भी सुरक्षित है उन्होंने कहा की मैं अपने लंबे राजनैतिक जीवन मे कई विदेशियों से मिला हूँ।
 

जिन्हें अपनी मूल भाषा का पता ही नही था हम 50 साल बाद ऐसी स्थिति का सामना न करे जो हमारी भाषा को ही बदल दे उन्होंने कहा कि हर देश की पहचान उसकी सीमाओं भूगोल और उसकी राज्य की की ब्यवस्था के आधार पर होती है । 

उन्होंने कहा भारत दुनिया मे एक ऐसा देश है जो जियोपालिटिकल  देश नही है जियोक्लचरल देश है गुलामी के इतने लंबे कालखंड के बाद भी हम अपनी संस्कृति को बढ़ाते रहे है।भारत की संस्क़ृति को सिर्फ सांस्कृतिक कारणों से चिरंजीव बनाना जरूरी नही है मैं ये मानता हूँ कि दुनिया की ढेर सारी समस्याओं का समाधान हमारी संस्कृति में विद्यमान है इसलिए हमारी संस्कृति का सनरक्षण जरूरी है।
 

उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा में वेदों  में कहा गया है कि दुनिया की सभी दिशाओं से अच्छे विचार हमे मिले हम सब अच्छे विचारों को ग्रहण करे तथा दुनिया की उन्नति के लिए काम करे यही हमारी संस्कृति का मूल विचार है।
 उन्होंने कहा कि भारत दुनिया मे अकेला ऐसा देश है जो अपनी संस्कृति से एकजुट है हमारे देश मे कई ऐसी भाषाएं है तथा बोलियां है एक राज्य में ही सात से आठ भाषाएं है पूर्वोत्तर में 150 बोलियां है।
 

यही बोली और भाषाएँ हमारे देश की पहचान है यदि भाषा सुरक्षित है तो उसका इतिहाश भी सुरक्षित है उन्होंने देश के युवकों से दोस्तो और परिवार के साथ अपनी भाषा मे बात चीत करने की अपील किया  उन्होंने आगे संबोधित करते हुए कहा कि देश की संस्कृति तभी सुरक्षित है जब उसकी भाषा सुरक्षित रहे हम पर जिम्मेदारी है कि जो हजारो साल से जिस संस्कृति का प्रवाह अनवरत रूप से मिला हैउसे और हजारो साल तक आगे ले जाने का प्रयास करना चाहिए।