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15 अप्रैल से किन इलाको में खुलेगा लॉकडाउन,  बिजनेस के लिये जारी किया गया है गाइडलाइन
April 13, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राष्ट्रीय


नई दिल्ली,(स्वतंत्र प्रयाग) 14 अप्रैल के बाद दो सप्ताह तक लॉकडाउन जारी रहना तय है, ऐसा माना जा रहा है, कि केंद्र सरकार लॉक डाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाएगी, हालांकि सूत्रों का कहना है कि जो रेड ज़ोन और येल्लो जोने वाले इलाके हैं, उनमे इसे 30 मई तक भी बढ़ाया जा सकता है, लेकिन  उद्योग मंत्रालय ने टेक्सटाइल, निर्माण, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे 15 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में काम शुरू करने की सिफारिश की है, साथ ही स्ट्रीट वेंडर्स को पहचान-पत्र के साथ काम करने की मंजूरी देने का भी सुझाव दिया गया है।

हालांकि, इस बारे में आखिरी फैसला प्रधानमंत्री के स्तर पर होना है लॉकडाउन में छूट कोरोना संक्रमण के फैलाव, भविष्य की आशंका और एक्टिव मामलों के आधार पर मिलेगी  अभी तुरंत के लिए इन सभी शिफारिशों को मानना ही होगा, जिससे जान के साथ जहां को बचाया जा सकता है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरकार ने यह भी सुझाव दिया है कि देश के इलाकों को राज्यों की बजाय कोरोना के संक्रमण के स्तर के हिसाब से रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटकर ढील संबंधी नियम तय किए जाएं कोरोना के ऑरेंज और ग्रीन जोन में बाजार खोले जा सकते हैं।

लेकिन समय सीमित किया जा सकता है  सरकार का सुझाव है कि देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और लोगों की आमदनी शुरू करने के लिए उद्योगों में काम शुरू होना जरूरी है, लेकिन इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

 

केंद्र सरकार के हिसाब से रेड ज़ोन ऐसे क्षेत्रों को माना गया है, जो हॉटस्पॉट वाले जिले हैं, वहां पहले की तरह सबकुछ बंद रहेगा 

ऑरेंज जोन: जिन जिलों में नए मरीज नहीं आ रहे, पुराने मरीज बेहद कम, ऐसे क्षेत्रों मे हर घर मे जाकार स्वस्थ्य कर्मी उनके टेस्ट करेंगे ऐसे क्षेत्रों मे भी लोगों को आने जाने कि पर्मिशन नहीं दी जाएगी 
ग्रीन जोन: संक्रमण मुक्त ऐसे जिलो को उनके क्षेत्र मे व्यापारिक गतिविधियां शुरू करने कि पर्मिशन दी जाएगी।
 

उद्योग मंत्रालय की सिफारिश : किस जोन में क्या छूट मिले, क्या नहीं

हॉस्पिटैलिटी: रेड और ऑरेंज जोन में सभी होटल, रेस्त्रां, लॉज और गेस्टहाउस बंद रखें. ग्रीन जोन में खुल सकते हैं।
परिवहन: सिर्फ ग्रीन जोन में लोकल परिवहन खोलने की छूट दी जाए लेकिन, रेड और ऑरेंज जोन में सार्वजनिक परिवहन शुरू न करें।

आबकारी मामले: शराब की दुकानें खोलने की मंजूरी हो, लेकिन इनमें कलर कोडिंग का स्तर राज्य सरकारें खुद तय करें।

इन पर रहेगी पाबंदी 

सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और खेल संबंधी आयोजनों पर पाबंदी बनी रहे  सिनेमा हॉल, मॉल्स, पार्क, पर्यटन स्थल, धर्मस्थल, शिक्षण संस्थान भी नहीं खुलें।


सरकार ने कहा है कि जिन कंपनियों में काम शुरू करने की इजाजत दी गई है, वहां का मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों को काम पर आने के लिए कह सकता है  अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आता है, तो ऐसी स्थिति में बिना काम के दी जाने वाली सैलरी की जिम्मेदारी एंप्लायर पर नहीं होगी  हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि इस संबंध में श्रम मंत्रालय स्थिति को और स्पष्ट करे।

सरकार के सुझावों में कहा गया है कि बड़ी कंपनियों में 20-25% कर्मचारियों से ही एक शिफ्ट में काम लिया जाए इसी तरह हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में तभी काम करने की अनुमति मिले, जब मजदूरों को रहने की व्यवस्था कराई जाए  कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टर की पूरी जिम्मेदारी रहे कि वह साइट को पूरी तरह से सैनिटाइज कराए और वहां स्वच्छता रखे।
 

उद्योगों को चलाने के लिए वाहनों और कर्मचारियों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाए।
कर्मचारियों और माल की आवाजाही पर निगरानी रखने वाला अमला गृह मंत्रालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन करे  इस बारे में कई परेशानियां सामने आई हैं गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जिन उद्योगों को चालू करने की इजाजत दी गई है, उनके कर्मचारी और माल को फ्री मूवमेंट दिया जाए।

टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग जैसा काम करने वाली बड़ी कंपनियों को सिंगल शिफ्ट में काम करने की इजाजत दी जा सकती है  बशर्ते उनके पास सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो।

एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों और लघु उद्योगों को मिनिमम मैनपॉवर के साथ काम करने की इजाजत दी जाए ऐसे उद्योगों का माल ले जाने का पास इश्यू करते समय संबंधित अधिकारी उसकी जांच कर सकेंगे और निर्यात की इजाजत दे सकेंगे।

इन उद्योगों को सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के इंतजाम करने पर न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की इजाजत दी जा सकती है।

निरंतर उत्पादन करने वाले उद्योग जैसे कि स्टील, पावर और माइनिंग को गृह मंत्रालय ने पहले ही लॉकडाउन से बाहर रखा है ये उद्योग निरंतर काम करते रहेंगे।


सभी बड़े उद्योगों में शिफ्ट को इस तरह संचालित किया जाए कि उसकी शुरुआत और आखिर में एकदम भीड़ इकट्ठी ना हो  हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को काम करने की इजाजत दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए उन्हें मजदूरों को साइट पर ही रहने का इंतजाम करना होगा  साथ ही ठेकेदार को सैनिटाइजेशन और डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।

छोटे और बड़े सभी तरह के मालवाहक वाहनों को कहीं भी आने-जाने की छूट हो संबंधित अधिकारी इन्हें राज्य के अंदर या बाहर, एक शहर से दूसरे शहर तक जाने से नहीं रोकें  ऐसे वाहन खाली हो या भरे इसके बारे में अधिकारी कोई सवाल नहीं करें।

 

ऐसे सभी उद्योग जिन्हें संचालित करने की अनुमति दी गई है वह कामगारों को ड्यूटी पर बुला सकेंगे अगर कोई मजदूर काम पर नहीं आता है, तो कंपनी या व्यक्ति उसे बिना काम के तनख्वाह देने के लिए बाध्य नहीं हो यह श्रम मंत्रालय की तरफ से स्पष्ट किया जाएगा।


सरकार का सुझाव कहता है कि फल और सब्जी विक्रेता जैसे सभी स्ट्रीट वेंडर्स को काम करने की इजाजत दी जाए, ताकि लोगों के घर तक सामान पहुंचाया जा सके और इस वर्ग के सामने आने वाली नकदी की समस्या दूर की जा सके।


चुनिंदा मरम्मत यूनिट को ऑपरेट करने की इजाजत हो  इनमें छोटी इकाइयां जैसे मोबाइल , रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, टेलीविजन, प्लंबिंग, चर्मकार, प्रेस वाले, इलेक्ट्रीशियन, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, साइकिल रिपेयर मैकेनिक को काम करने की इजाजत दी जाए इन लोगों को अपने साथ आईडी कार्ड रखना होगा और वे पहले से जहां काम कर रहे थे।

 उसी जगह पर काम करेंगे  इससे लोगों को लॉक डाउन के दौरान जरूरी सुविधाएं मिल पाएंगी और काम करने वालों के पास से भी नकदी की समस्या दूर होगी  इन सेवाओं से किसी प्रकार की भीड़ इकट्ठी नहीं होती है ,इसलिए इन्हें काम करने दिया जा सकता है इस तरह की मरम्मत का काम करने वाली ई कॉमर्स सेवाओं को भी ऑपरेट करने की इजाजत दी जा सकती है।