ALL प्रमुख खबर राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय राज्य , शहर खेल आर्थिक मनोरंजन स्वतंत्र विचार अन्य
11 लाख प्रवासी श्रमिको के हांथों में होगा काम : सिद्धार्थ नाथ सिंह
May 30, 2020 • एस पी एन न्यूज़ डेस्क • राज्य , शहर

 

प्रयागराज,(स्वतंत्र प्रयाग), प्रयागराज प्रवास के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम,खादी एवं ग्रामोद्योग,निर्यात एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि प्रयागराज में लॉक डाउन अवधि में प्रभावित अर्थव्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने के उद्देश्य से लगभग 8000 छोटी बड़ी इकाइयों में उत्पादन कार्य शुरू कराया गया।

जिसमें लगभग चालीस हजार लोगों को रोजगार मिला,प्रयागराज जनपद में बंद पड़ी लगभग 250 औद्योगिक इकाइयों द्वारा सरकार के निर्देश पर उन्होंने श्रमिकों को वेतन लगभग 5 करोड़ रुपये भुगतान किया गया।

       कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रयागराज में वेंटिलेटर के पार्ट्स का निर्माण शुरू कराया जाना प्रयागराज के लिए विशेष उपलब्धि का विषय रहा नैनी स्थित मे वी के कनेक्टर द्वारा प्रतिदिन 400 वेंटिलेटर का पार्ट्स तैयार किया जा रहा है जो बेंगलुरु में असेंबल हेतु भेजा जा रहा है।

इसके अलावा एक और उपलब्धियों से जुड़ रहा है कि में त्रिवेणी इलेक्ट्रो प्लास्ट द्वारा सर्जिकल मास्क एक बड़ी इकाई स्थापित की जा रही है जिसमें प्रतिदिन एक लाख मास्क तैयार होगा। 

      सिंह ने कहा महाराष्ट्र,राजस्थान आदि राज्यों से वापस आए प्रदेश के श्रमिकों, कारीगरों हेतु उद्योग विभाग ओडीओपी योजनांतर्गत बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद प्रयागराज में फूड प्रोसेसिंग को ओडीओपी में सम्मिलित कर लिया गया है जिसमें दुग्ध उत्पादन, हलवाई, आचार,जैम जेली,मुरब्बा तथा बेकरी ट्रेडों में बड़े पैमाने पर लोगों को अतिशीघ्र प्रशिक्षण प्रदान कर निशुल्क किट का वितरण कर आना जाना है ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार कर सकें।

 प्रवासी कारीगरों को बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं ओडीओपी योजनांतर्गत लोन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें।

लॉक डाउन के दौरान उद्योग विभाग द्वारा समस्त इकाइयों को पास की सुविधा उपलब्ध कराई गई जिस कारण उसमें उत्पादन कार्य प्रारंभ हो सका।

अनेकों औद्योगिक इकाइयां जिनके श्रमिक प्रदेश के किसी अन्य जनपदों में थे उन्हें लाने हेतु उद्योग विभाग द्वारा वाहन पास भी उपलब्ध कराया गया। सरकार का संकल्प है कि 11 लाख प्रवासी श्रमिकों के हाथों में काम देने का जो जल्द ही शुरू होने जा रहा है।